उत्तराखंड मौसम अपडेट: 17 जनवरी 2026 से बदलेगा मौसम, बारिश-बर्फबारी के आसार

उत्तराखंड में 17 जनवरी 2026 से बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 17 जनवरी 2026 से उत्तराखंड के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और अधिक बढ़ सकती है।

उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का मौसम, जनवरी 2026
यह सांकेतिक/प्रतीकात्मक तस्वीर है।

इन जिलों में बारिश और बर्फबारी के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार पिथौरागढ़, चम्पावत, केदारनाथ, बद्रीनाथ, चमोली और उत्तरकाशी सहित ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश होने के आसार जताए गए हैं।


अल्मोड़ा, बागेश्वर और नैनीताल में हल्की बारिश

मध्य पर्वतीय जिलों जैसे अल्मोड़ा, बागेश्वर और नैनीताल में हल्की बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।


मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और बढ़ेगी ठंड

उधम सिंह नगर, देहरादून, हरिद्वार सहित मैदानी इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। कोहरे के कारण ठंड में इजाफा होगा और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।


आने वाले दिनों में और बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में उत्तराखंड में ठंड और अधिक बढ़ेगी। लोगों को ठंड से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


बर्फबारी नहीं होने से इंसान ही नहीं जानवर भी परेशान

मौसम परिवर्तन का असर केवल इंसानों पर ही नहीं बल्कि जंगली जानवरों पर भी देखने को मिल रहा है। हाल के दिनों में पहाड़ी क्षेत्रों में जंगली जानवरों के हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं।

भालुओं के आक्रामक होने की बढ़ती घटनाएं

विशेषज्ञों के अनुसार भालू सर्दियों में बर्फबारी के समय शीतनिद्रा में चले जाते हैं, लेकिन इस बार समय पर बर्फबारी न होने के कारण वे शीतनिद्रा में नहीं जा पाए। इसी वजह से भालू आक्रामक और उग्र हो गए हैं, जिससे लोगों पर हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं।


इस बार पहाड़ों में न सामान्य बर्फबारी हुई, न सही से बारिश

इस सीजन में उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में न तो सामान्य बर्फबारी हुई और न ही पर्याप्त बारिश। सीजन की पहली बर्फबारी काफी देर से हुई, जिससे पहाड़ लंबे समय तक बंजर नजर आए।


पर्यावरण प्रेमियों और पर्यटकों में निराशा

जो पहाड़ हमेशा बर्फ की सफेद चादर ओढ़े रहते थे, वे इस बार काले पड़ते नजर आए। यहां तक कि कुछ ऊंचे इलाकों में घास और पेड़-पौधे उगने लगे थे। यह नजारा देखकर पर्यावरण प्रेमी दुखी हुए और पर्यटकों को भी निराशा हाथ लगी।


बर्फबारी शुरू होने से जगी नई उम्मीद

कम ही सही, लेकिन बर्फबारी शुरू होने से पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों के चेहरे पर खुशी लौटी है। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बर्फबारी होगी और पहाड़ फिर से बर्फ की चादर ओढ़े नजर आएंगे।

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