उत्तराखंड मै बाघ और भालुओं का हमला

चौखुटिया क्षेत्र मैंने दिनों जंगली जानवरों का आतंक छाया हुआ है क्या दिन क्या रात हर समय जंगली जानवर पालतू पशु और इंसानों पर हमला कर उन्हें घायल,जान से मार रहे है ताज़ा मामला भटकोट के नितैया रोले मै हुआ है
भटकोट मै ग्रामीणों ने खेतों के पास दिन-दहाड़े तेंदुवा देखा जिससे ग्रामीणों मै दहशत फैल गई ग्रामीणों का कहना है कि ये तेंदुवा कही लोगो को हमला कर के ज़ख्मी कर चुका है ग्रामीणों ने वन विभाग से गांव मै पिंजरा लगाने की मांग की ताकि तेंदुवा पकड़ा जा सके और उन्हें इस मुसीबत से निजात मिल सके वन विभाग ने लोगों से अकेले जंगल न जाने की गुजारिश की वन विभाग ने लोगों को जंगल में लकड़ी और घास लाने के लिए समूह मै जाने की अपील की और सतर्क रहने को कहा क्यों कि सतर्कता से ही ऐसी घटनाओं से बचा जा सकता है वन विभाग ने कहा लोगो की सुरक्षा के लिए जंगल मै ट्रैप कैमरा लगाने की बात कही और विशेष प्रकार के सेंसर लगाए जाएंगे कुछ हलचल होने पर अलार्म बज जाएगा जिससे लोग सतर्क हो सके पूरे चौखुटिया में आज कल बाघ और भालुओं का आतंक हो रखा है और कई लोगों को अपना शिकार बना चुके है वन विभाग ने खासकर बुजुर्गों और बच्चों पर ध्यान देने को कहा है वन विभाग ध्वनि उपकरणों से आबादी वाले क्षेत्रों से बाघ और भालुओं को जंगल की तरफ भगाने का प्रयास कर रही है

क्यों हो रहे इतने अधिक जंगली जानवरों के हमले के मामले 

इनमें मुख्य कारण तेजी से कटते जंगल, जंगलों मै लगी आग, शिकार ना मिलना मौसम का बदलना मुख्य है
भालू के हमले के बढ़ते मामले —इसका मुख्य कारण मौसम का फेरबदल करते पेड़ पौधे और इसका मुख्य कारण बर्फबारी का ना होना भी है क्यों कि सर्दियों और बर्फबारी में भालू आसान्निद्र मै चले जाते है लेकिन इस बार बर्फबारी या तो कम या हुई ही नहीं है जिससे भालुओं पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है और वह जायदा आक्रमक हो रहे है और आबादी वाले क्षेत्र मै घुस रहे है 

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